
उत्तराखंड में केदारनाथ धाम की यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। केदारनाथ से देहरादून आ रहे एक निजी हेलीकॉप्टर में उड़ान के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने बिना वक्त गंवाए गजब की सूझबूझ दिखाई और हेलीकॉप्टर को टिहरी जिले की सकलाना पट्टी के सत्यों के पास, नवागांव के खेतों में सुरक्षित उतार लिया। यह घटना बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है।
पायलट की तत्परता ने टाला बड़ा हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने जब केदारनाथ से देहरादून के लिए उड़ान भरी थी, तब सब कुछ सामान्य था। लेकिन बीच रास्ते में अचानक पायलट को तकनीकी गड़बड़ी का अहसास हुआ। आसमान में आई इस अचानक खराबी के बाद पायलट ने घबराने के बजाय स्थिति को संभाला और नीचे सुरक्षित जमीन की तलाश शुरू की। गनीमत रही कि पायलट ने समय रहते खेतों में इमरजेंसी लैंडिंग करा दी, जिससे एक बड़ा विमान हादसा होने से बच गया।
दिल्ली के रहने वाले हैं सभी यात्री, सड़क मार्ग से भेजे गए देहरादून
इस हेलीकॉप्टर में पायलट के अलावा कुल 5 यात्री सवार थे, जो बाबा केदार के दर्शन कर लौट रहे थे। राहत और खुशी की बात यह है कि इस घटना में किसी को खरोंच तक नहीं आई है। सुरक्षित बचे यात्रियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
अनुपम चौधरी (39 वर्ष)
साहिल (33 वर्ष)
राज सूडी (64 वर्ष)
भूमि सूडी (39 वर्ष)
हिमानी पटेल (30 वर्ष)
निवका (12 वर्ष)
ये सभी यात्री देश की राजधानी दिल्ली के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इमरजेंसी लैंडिंग के बाद प्रशासन ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से गाड़ियों (सड़क मार्ग) के जरिए देहरादून के लिए रवाना कर दिया गया।
जब अचानक आसमान से नीचे आने लगा हेलीकॉप्टर: प्रत्यक्षदर्शियों का आंखों देखा हाल
नवागांव के स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह के वक्त अचानक हेलीकॉप्टर सामान्य ऊंचाई से काफी नीचे खेतों की तरफ आने लगा। हेलीकॉप्टर की तेज आवाज और उसे इस तरह नीचे आते देख कुछ देर के लिए पूरे इलाके में हड़कंप और दहशत का माहौल बन गया। जैसे ही हेलीकॉप्टर खेत में सुरक्षित उतरा, आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने तुरंत यात्रियों को बाहर निकाला, उन्हें पानी पिलाया और ढांढस बंधाया। स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य में प्रशासन की काफी मदद की।
फिर उठे हेली सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल, जांच शुरू
इस घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में चल रही हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा और उनके रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “चारधाम यात्रा में हेली सेवाओं का संचालन लगातार बढ़ रहा है। इससे जहां एक तरफ पर्यावरण और संवेदनशील पहाड़ी इकोसिस्टम पर असर पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ यात्रियों की सुरक्षा भी दांव पर लगी है। सरकार को इन सभी प्राइवेट कंपनियों के हेलीकॉप्टर्स की नियमित और सख्त तकनीकी जांच (Fitness Check) अनिवार्य करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी न हो।”
फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और नागरिक उड्डयन से जुड़ी एजेंसियां अलर्ट पर हैं। हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी किस वजह से आई, इसके असली कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।



